हर अकाउंट में एक ही पासवर्ड रखना पड़ सकता है भारी: ऐसे जाल बिछाते हैं साइबर ठग, जानें कैसे बचें
- bySagar
- 11 Feb, 2026
डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग ऐप्स, ई-मेल और सोशल मीडिया हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इसी सुविधा के साथ एक बड़ी साइबर सुरक्षा चुनौती भी जुड़ी है—हर अकाउंट के लिए एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यही आदत आज लोगों को ठगी का सबसे आसान शिकार बना रही है।
ऑनलाइन लेन-देन बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराध के मामले भी तेज़ी से बढ़े हैं। सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने साफ चेतावनी दी है कि कमजोर पासवर्ड और लापरवाही ठगों के लिए रास्ता आसान बना देती है।
एक डेटा लीक, सभी अकाउंट्स पर खतरा
अगर आप ई-मेल, बैंक, सोशल मीडिया और शॉपिंग ऐप्स में एक ही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं, तो किसी एक प्लेटफॉर्म पर हुआ डेटा लीक आपके सभी अकाउंट्स को जोखिम में डाल सकता है। साइबर अपराधी लीक हुए पासवर्ड को अलग-अलग वेबसाइट्स पर आजमाते हैं। इस प्रक्रिया को क्रेडेंशियल स्टफिंग कहा जाता है।
एक बार एक्सेस मिलने पर ठग न सिर्फ पैसे निकाल सकते हैं, बल्कि आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं और आपके नाम से दूसरों को भी धोखा दे सकते हैं।
कैसे पता करें कि आपका डेटा लीक हुआ है
साइबर सुरक्षा एजेंसियां सलाह देती हैं कि लोग समय-समय पर अपने ई-मेल आईडी की जांच करें। Have I Been Pwned जैसे ऑनलाइन टूल यह बताते हैं कि आपका ई-मेल किसी डेटा ब्रीच का हिस्सा रहा है या नहीं।
अगर ब्रीच की जानकारी मिले, तो बिना देर किए सभी जरूरी अकाउंट्स—खासकर बैंक और पेमेंट ऐप्स—का पासवर्ड बदलना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय
Indian Cyber Crime Coordination Centre के मुताबिक, हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड बनाना सबसे जरूरी कदम है। पासवर्ड में अक्षर, नंबर और विशेष चिन्ह शामिल होने चाहिए। जहां संभव हो, वहां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू करें।
इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान ऐप डाउनलोड करने और पब्लिक Wi-Fi पर लॉग-इन करने से बचना भी जरूरी है। डिजिटल सुरक्षा तकनीक के साथ-साथ सतर्कता से भी जुड़ी है।
ठगी होने पर तुरंत क्या करें
अगर साइबर ठगी हो जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। सबसे पहले 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
अपने बैंक या पेमेंट ऐप को तुरंत सूचना दें ताकि कार्ड, UPI या अकाउंट ब्लॉक किया जा सके। सभी प्रभावित अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें और 2FA एक्टिव करें।
साथ ही कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, लिंक और ट्रांजैक्शन से जुड़ी सभी जानकारियां सुरक्षित रखें, क्योंकि ये जांच में मदद करती हैं।
डिजिटल सुविधा के साथ जरूरी है सतर्कता
डिजिटल सेवाओं ने जीवन आसान बनाया है, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। एक मजबूत पासवर्ड रणनीति और समय पर कार्रवाई ही साइबर ठगों से बचाव का सबसे असरदार तरीका है।



