क्या आपका चेहरा अचानक काला पड़ गया है? लिवर से जुड़ी समस्याएं होने पर स्किन में दिखते हैं ये बदलाव, जानें घरेलू उपाय

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खूबसूरत दिखने के लिए पुरुष और महिलाएं दोनों ही अपनी स्किन का बहुत ध्यान रखते हैं। कभी मार्केट में मिलने वाले अलग-अलग स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो कभी फेस पैक, फेस मास्क और स्किन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करके स्किन का बहुत ध्यान रखते हैं। चेहरे पर खोई चमक वापस पाने के लिए सिर्फ स्किन ट्रीटमेंट ही नहीं, बल्कि सही डाइट और स्किन की देखभाल करना भी बहुत ज़रूरी है। गर्मियों की वजह से काली हुई स्किन को गोरा करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। लेकिन स्किन सिर्फ धूप से ही नहीं बल्कि शारीरिक बीमारियों की वजह से भी काली होती है। स्किन का रंग मेलेनिन नाम के फैक्टर पर निर्भर करता है। जब मेलेनिन का लेवल बढ़ता है, तो स्किन का रंग बदलने लगता है। सिर्फ सूरज की किरणों की वजह से ही नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों का असर भी स्किन पर दिखता है।

चेहरे पर अचानक काले धब्बे या स्किन का कालापन बढ़ना लिवर की बीमारियों और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा हो सकता है। स्किन के काला होने के बाद उस पर अलग-अलग क्रीम, लोशन, सीरम और कभी-कभी महंगे ट्रीटमेंट भी किए जाते हैं। लेकिन अंदर से खराब हो चुकी स्किन की क्वालिटी जल्दी ठीक नहीं होती। स्ट्रेस, नींद की कमी और खून में गंदगी का सीधा असर शरीर की स्किन पर पड़ता है। इसलिए स्किन की प्रॉब्लम बढ़ने पर हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। कोई भी स्किन केयर प्रोडक्ट या लोशन लगाने से स्किन की क्वालिटी बेहतर नहीं होती। आइए जानें कि चेहरे का रंग काला होने के क्या कारण और उपाय हैं।

हार्मोनल इम्बैलेंस और मेलास्मा:
शरीर में हार्मोनल बदलाव की वजह से स्किन पर काले धब्बे और ग्रे रंग हो जाता है। मेलास्मा तब होता है जब महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल असंतुलित हो जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान या बर्थ कंट्रोल पिल्स के ज़्यादा इस्तेमाल की वजह से यह प्रॉब्लम होने की संभावना ज़्यादा होती है। गालों, माथे और नाक पर काले धब्बे आ जाते हैं और स्किन पूरी तरह से डल हो जाती है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस:
ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के बाद सिर्फ यूरिन और शरीर में ही बदलाव नहीं होते, बल्कि स्किन में भी कई बदलाव होने लगते हैं। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के बाद स्किन का रंग काला होने लगता है। टाइप-2 डायबिटीज या PCOD के बाद स्किन के रंग में बदलाव देखने को मिलते हैं। खून में पोषक तत्वों की कमी होने पर स्किन रूखी या पपड़ीदार हो जाती है। खून में हीमोग्लोबिन कम होने पर स्किन को ज़रूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे चेहरा बहुत काला दिखने लगता है।

लिवर से जुड़ी समस्याएं:
लिवर शरीर के लिए बहुत ज़रूरी अंग है। लिवर शरीर से ज़हरीले तत्व निकालने, अच्छे बाइल को बढ़ाने जैसे कई काम करता है। लेकिन लिवर के काम में रुकावट आने पर शरीर से ज़हरीले तत्व निकालने के बजाय लिवर शरीर में जमा होने लगता है। इस वजह से आंखों के आस-पास काले धब्बे, चेहरे का खराब दिखना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। मोबाइल फोन के लगातार इस्तेमाल से इसका असर स्किन पर दिखने लगता है।

चेहरे को काला होने से बचाने का उपाय:
स्किन की समस्याएं बढ़ने पर इसे अंदर से भी उतना ही पोषण देना ज़रूरी है जितना बाहर से। जब आप घर के अंदर हों, तब भी SPF 30 वाला सनस्क्रीन लगाएं। यह सूरज की हानिकारक किरणों और मोबाइल फोन की स्क्रीन से होने वाली टैनिंग को रोकता है। इसके अलावा, आपको अपनी डाइट में खूब पानी और पौष्टिक खाना शामिल करना चाहिए। संतरे, आंवला और पपीता जैसे विटामिन C से भरपूर फल खाने से शरीर को बहुत फ़ायदा होगा और स्किन पर काले धब्बे कम करने में मदद मिलेगी।