नेशनल बर्ड डे 2026: मोर से लेकर फ्लेमिंगो तक, जानिए भारत के सभी राज्यों के राज्य पक्षी

हर साल 5 जनवरी को नेशनल बर्ड डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पक्षी किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का संकेत होते हैं। भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हर भारतीय राज्य का भी अपना एक राज्य पक्षी होता है

नेशनल बर्ड डे 2026 के मौके पर आइए जानते हैं भारत के सभी राज्यों के राज्य पक्षी और उनकी खास पहचान।


राज्य पक्षी क्यों चुने जाते हैं?

राज्य पक्षी उस क्षेत्र की जैव विविधता, संस्कृति और प्राकृतिक पहचान को दर्शाते हैं। कई पक्षी अपने दुर्लभ होने, सुंदरता, या स्थानीय परंपराओं से जुड़े होने के कारण चुने जाते हैं। यह पहल पक्षियों के संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।


उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्य पक्षी

  • आंध्र प्रदेश का राज्य पक्षी तोता है, जो हरियाली और जीवन्तता का प्रतीक है।
  • अरुणाचल प्रदेश ने धनेश (ग्रेट हॉर्नबिल) को अपनाया है, जो आदिवासी संस्कृति में पूजनीय है।
  • असम का सफेद पंखों वाली बत्तख दुनिया के दुर्लभ पक्षियों में गिनी जाती है।
  • बिहार का राज्य पक्षी गौरैया है, जो आम जनजीवन से जुड़ा है।
  • छत्तीसगढ़ का पहाड़ी मैना इंसानी आवाज की नकल के लिए प्रसिद्ध है।
  • गोवा का बुलबुल राज्य की जैव विविधता को दर्शाता है।
  • गुजरात का ग्रेटर फ्लेमिंगो खारे पानी की झीलों की पहचान है।
  • हरियाणा ने काला तीतर को चुना है, जो खेतों में आमतौर पर देखा जाता है।
  • हिमाचल प्रदेश का पश्चिमी ट्रैगोपैन हिमालयी वनों का प्रतीक है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्य पक्षी

  • झारखंड का कोयल अपनी मधुर आवाज के लिए जाना जाता है।
  • मणिपुर और मिजोरम दोनों का राज्य पक्षी मिसेज ह्यूम्स फेजेंट (नॉन्गिन) है।
  • मेघालय का हिल मैना घने जंगलों की पहचान है।
  • नागालैंड का ब्लाइथ्स ट्रैगोपैन रंग-बिरंगे पंखों वाला पक्षी है।
  • त्रिपुरा ने ग्रीन इंपीरियल पिजन को चुना है।
  • पश्चिम बंगाल का शंखचिल (व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर) जल स्रोतों के पास दिखता है।
  • सिक्किम का ब्लड फेजेंट हिमालयी जैव विविधता का प्रतीक है।

दक्षिण भारत के राज्य पक्षी

  • कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना का राज्य पक्षी नीलकंठ (इंडियन रोलर) है, जिसे शुभ माना जाता है।
  • केरल का ग्रेट हॉर्नबिल वर्षावनों की समृद्धि को दर्शाता है।
  • तमिलनाडु का पन्ना कबूतर (एमराल्ड डव) शांति और हरियाली का प्रतीक है।

अन्य राज्यों के राज्य पक्षी

  • मध्य प्रदेश का दूधराज अपनी लंबी पूंछ के लिए जाना जाता है।
  • महाराष्ट्र का हरियल बीज फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • पंजाब का बाज शक्ति और साहस का प्रतीक है।
  • राजस्थान का गोडावण गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है।
  • उत्तर प्रदेश का सारस जीवनभर के प्रेम और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
  • उत्तराखंड का मोनाल अपने चमकीले पंखों के लिए प्रसिद्ध है।

संरक्षण का संदेश

नेशनल बर्ड डे हमें यह याद दिलाता है कि पक्षियों का संरक्षण ही पर्यावरण और भविष्य की सुरक्षा है। यदि आज हम इनके आवास बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियां भी प्रकृति की इस सुंदर विरासत को देख सकेंगी।