UP Board Exam 2026: नकल रोकने के लिए 18 संवेदनशील जिलों में STF की कड़ी निगरानी
- bySagar
- 22 Jan, 2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2025–26 की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए कमर कस ली है। 18 फरवरी से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं से पहले प्रशासन ने पिछले वर्षों में गड़बड़ी वाले 18 जिलों को “संवेदनशील” घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन जिलों में परीक्षाएं स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की निगरानी में कराई जाएंगी।
परीक्षा से पहले सख्त तैयारी
यूपी बोर्ड इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पिछले वर्षों में सामूहिक नकल और अन्य अनियमितताओं के मामलों को देखते हुए बोर्ड ने सख्त नीति अपनाई है। इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 जनवरी से शुरू होंगी, जबकि लिखित परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलेंगी।
18 जिलों को किया गया संवेदनशील घोषित
प्रशासन की ओर से जिन 18 जिलों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है, वहां पिछली परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। इन जिलों में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा शामिल हैं।
इन जिलों में स्थित संवेदनशील और अति-संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर STF, पुलिस और एलआईयू की विशेष तैनाती की जाएगी।
परीक्षा में शामिल होंगे 52 लाख से अधिक छात्र
इस वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा में करीब 52.30 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इनके लिए प्रदेशभर में 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने पहले ही 639 विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर कर दिया है।
इनमें से 254 विद्यालयों को स्थायी रूप से डिबार किया गया है, जबकि 385 विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है।
नकल पर आजीवन कारावास तक की सजा
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकल में संलिप्त पाए जाने पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कानून के तहत दोषियों पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
छात्रों से की गई अपील
बोर्ड का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य ईमानदार छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखना है। छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के अनुचित साधनों से दूर रहें और पूरी मेहनत व ईमानदारी से परीक्षा दें।






